25 फ़रवरी 2020 - 11:30
दवाईयों पर प्रतिबंध लगाने वालों को मानवाधिकार परिषद का सदस्य बने रहने का अधिकार नहीं है, ईरान

ईरान की न्याय पालिका की मानवाधिकार समिति के सचिव का कहन है कि जिन देशों ने तेहरान पर दवाईयों तक का प्रतिबंध लगा रखा है, उन्हें मानवाधिकार परिषद का सदस्य बने रहने का अधिकार नहीं है।

न्याय पालिका की मानवाधिकार समिति के सचिव अली बाक़री कनी ने संयुक्त राष्ट्र संघ की मानवाधिकार परिषद के 43वें सम्मेलन में कहाः किसी देश पर इस तरह के प्रतिबंध न केवल एक पूरे राष्ट्र को सज़ा देना है, बल्कि मानवाधिकारों के हनन का एक आधुनिक तरीक़ा है।

उन्होंने आगे कहाः अफ़सोसनाक है कि कुछ विश्व शक्तियों ने मानवाधिकारों को अपने अंतरराष्ट्रीय हितों की भेंट चढ़ा दिया है और अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों को कमज़ोर किया है।

बाक़री कनी का कहना था कि जनरल सुलेमानी जैसे शख़्स को अमरीका ने शहीद करके सरकारी आतंकवाद का अपराध किया है, इसलिए कि जनरल सुलेमानी ने आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

ग़ौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र संघ की मानवाधिकार परिषद का 43वां सम्मेलन 24 फ़रवरी को जेनेवा में शुरू हुआ है, जो 20 मार्च तक जारी रहेगा।